Fenugreek Seed Extract for Testosterone, Endurance and Muscle Building in Hindi

इस लेख में हम बात करेंगे फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट (Fenugreek Seed Extract) के बारे में। फेनुग्रीक को हिंदी में मेथी कहा जाता है। मेथी के बीज और मेथी के पत्ते आपने देखे होंगे। यह लगभग सभी घरों में प्रयोग किए जाते हैं। फेनुग्रीक सीड्स यानी मेथी के बीज से बने सप्लीमेंट्स मार्केट में उपलब्ध हैं। इन सप्लीमेंट्स का प्रयोग खिलाड़ी अपनी टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) की वृद्धि करने के लिए कार्य प्रदर्शन (Performance) की वृद्धि करने के लिए और मांसपेशियों को सुडौल बनाने के लिए करते हैं। इस लेख में हम देखेंगे कि क्या फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स सच में असरदार है या नहीं।

syn: 4-hydroxyisoleucine, fenugreek extract, methi, trigonella foenum graecum

फेनुग्रीक क्या है?

तो सबसे पहली बात करते हैं फेनुग्रीक है क्या। फेनुग्रीक एक जड़ी-बूटी सम्बन्धी पौधा है। इस पौधे में बहुत सारे औषधीय गुण हैं। भारतीय आयुर्वेदा में सैकड़ों सालों से फेनुग्रीक यानी मेथी के बीजों का, पत्तों का, और जड़ का प्रयोग बहुत सारी बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है। भारत के साथ-साथ चीन और इजिप्ट में भी मेथी का प्रयोग बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है।

मेथी के परंपरागत प्रयोग:

  1. Libido – कामोत्तेजना को बढ़ाने के लिए
  2. Respiratory Problems – सांस की बीमारियों को ठीक करने के लिए
  3. Digestion – पाचन संबंधी विकार दूर करने के लिए
  4. Increase Milk Flow – जिन माताओं में बच्चों को स्तनपान करवाने के लिए दूध पूरी मात्रा में नहीं बनता उनमें दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए
  5. Menstrual Pain – पीरियड्स के दिनों में होने वाले पेट दर्द को ठीक करने के लिए
  6. Abdominal Pain – सामान्य पेट दर्द को ठीक करने के लिए
  7. Blood Sugar – मधुमेह यानी शुगर की बीमारी को ठीक करने के लिए
  8. Decrease Blood Pressure – रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए
  9. Heart Diseases – ह्रदय विकार यानी हार्ट की समस्याओं को दूर करने के लिए
  10. Appetizer – भूख को बढ़ाने के लिए
  11. Blood Purification – रक्त को साफ करने के लिए
  12. Join Pains – जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए

फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स का टेस्टोस्टरॉन पर क्या प्रभाव है?

अब बात करते हैं फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स के बारे में। फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स का टेस्टोस्टेरोन पर क्या प्रभाव है? मैं आपको साफ-साफ बता दूं कि अभी तक कोई भी वैलिड क्लिनिकल स्टडी सामने नहीं आई है, जिससे यह सिद्ध होता है कि फेनुग्रीक सप्लीमेंट लेने से टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि होती है।

Study 1

2016 में एक क्लिनिकल स्टडी प्रकाशित हुई थी। इस स्टडी में टेस्टोफेन (Testofen) नाम की एक फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट का क्लिनिकल ट्रायल दिया गया है। टेस्टोफेन, फेनुग्रीक एक्सट्रैक्ट का एक ब्रांडेड नाम है। इस स्टडी में बताया गया है कि टेस्टोफेन नाम का यह जो फेनुग्रीक सप्लीमेंट है यह टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि करता है। इस स्टडी में 120 स्वस्थ पुरुषों को 600 एम जी टेस्टोफेन या प्लेसिबो 12 सप्ताह तक हर रोज दिया गया और 12 सप्ताह के बाद परिणाम मिला कि टेस्टोफेन लेने से टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि होती है।

लेकिन इस स्टडी को जब आप पूरा पढ़ते हैं तो आपको इसमें बहुत सारी समस्याएं मिलेंगी। वह समस्याएं क्या है मैं आपको बताता हूं।

पहली समस्या आप पृष्ठ संख्या आठ पर देख सकते हैं। यहाँ लिखा है “The investigational products and funding were supplied by Gencor Pacific. Hong Kong.”। इसका अर्थ है इस प्रयोग में जो प्रोडक्ट प्रयोग किया गया है और जो पैसा लगा है, वह सारा का सारा जैनकोर पेसिफिक नाम की एक कंपनी ने दिया है।

जैनकोर अमेरिका की एक कंपनी है जो अमेरिका, चीन, और भारत में काम करती है। यह कंपनी सप्लीमेंट इनग्रेडिएंट बनाने वाली कंपनी है। यह कंपनी सप्लीमेंट इनग्रेडिएंट को तैयार करती है और उसे दूसरी कंपनी को बेचती है। इनकी आधिकारिक वेबसाइट पर आप यह पूरी जानकारी देख सकते हैं। यहां समस्या यह है कि जिस कंपनी ने इनग्रेडिएंट तैयार किया है, यदि वही कंपनी अपने पैसों से और अपने लोगों से, अपने ही प्रोडक्ट का क्लिनिकल ट्रायल करवाती है तो 100% मान लेना चाहिए कि वह क्लिनिकल ट्रायल सकारात्मक आएगा। यदि साधारण भाषा में बात करें तो जैसे एक मां के लिए उसका बच्चा सबसे सुंदर बच्चा होता है ठीक वैसे ही एक कंपनी के लिए उसका प्रोडक्ट दुनिया का सबसे अच्छा प्रोडक्ट होता है।

दूसरी समस्या आप पृष्ठ संख्या दो पर देख सकते हैं। इस क्लिनिकल ट्रायल में परिणाम को निकालने के लिए जो भी प्राथमिक और दूसरे प्रयोग किए गए हैं, वह प्रश्न-उत्तर पर आधारित हैं। इसका अर्थ है कि स्वस्थ पुरुषों को टेस्टोफेन देने के बाद उन्हें इससे क्या फायदा हुआ यह जानने के लिए प्रश्न-उत्तर पूछे गए हैं। आप अच्छी तरह समझ सकते हैं कि प्रश्न उत्तर पूछना परिणाम को जानने का एक अच्छा तरीका नहीं है।

तीसरी समस्या आप पृष्ठ संख्या 7 पर देख सकते हैं। इस प्रयोग में पहले और बाद की टेस्टोस्टेरोन लेवल दिए गए हैं। पहले और बाद की टेस्टोस्टेरोन में जो अंतर है वह बहुत ही कम है। टेस्टोस्टेरोन पूरे दिन में एक जैसा नहीं रहता। यह कम या ज्यादा होता रहता है। सुबह के समय में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा सबसे अधिक होती है और शाम होते होते यह कम होता जाता है। यह जो नाम मात्र का अंतर दिया गया है, यह इसी प्राकृतिक उतार चढाव के कारण भी हो सकता है।

चौथी समस्या आप पृष्ठ नंबर आठ पर देख सकते हैं। यहां पर आप देख सकते हैं कि क्या लिखा है। “this study shown efficacy in improving symptoms, may become and alternative for symptomatic men where low or borderline testosterone is associated with obesity, chronic disease and mood disorder rather than organic hypothalamic-pituitary-testicular axis pathology” इसका हिंदी में अर्थ यह है कि यह सप्लीमेंट केवल लक्षणों पर कार्य करता है और वास्तविक समस्या पर कार्य नहीं करता। सामान्य भाषा में यदि कहा जाए तो यह सप्लीमेंट समस्या के लक्षणों को दूर करने में सहायक हो सकता है लेकिन समस्या को जड़ से ठीक नहीं कर सकता।

समस्या और उसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट लग जाती है और उसे पीड़ा महसूस होती है। वह व्यक्ति कोई दवाई लेता है जिससे उसे पीड़ा का अनुभव नहीं होता। वह दवाई उसकी पीड़ा को कम करती है अर्थात लक्षण पर कार्य करती है लेकिन उसकी चोट को ठीक नहीं करती। इस क्लिनिकल ट्रायल में भी यह लिखा है कि टेस्टोफेन नाम का यह सप्लीमेंट सिर्फ लक्षणों पर कार्य करता है वास्तविक समस्या पर कार्य नहीं करता।

यह सभी कारण है जिस वजह से मैं इस क्लिनिकल ट्रायल को सही नहीं मानता।

Study 2

ऐसी ही एक और क्लिनिकल स्टडी 2017 में की गई थी। इस स्टडी में 50 स्वस्थ पुरुषों को 12 सप्ताह तक एक फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट जिसका ब्रैंडिड नाम फ्यूरोसैप (Furosap) है, दिया गया था। 12 सप्ताह तक फ्यूरोसैप लेने के बाद सभी पुरुषों का टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ गया। लेकिन यह स्टडी भी मुझे सही नहीं लगी।

इस क्लिनिकल स्टडी को करने वाले जो व्यक्ति हैं उनका नाम आप यहां देख सकते हैं। इन सभी व्यक्तियों में यह जो व्यक्ति हैं, आनंद स्वरूप, यह कैपहैम इनकारपोरेशन (Cepham Inc.) के प्रेसिडेंट हैं। यह आपके कैपहैम इनकारपोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर यहां देख सकते हैं। यहाँ लिखा है कि कैपहैम इनकारपोरेशन प्रेसिडेंट डॉक्टर आनंद स्वरूप। एक अन्य व्यक्ति देवाशीष बागची हैं जिन्हें मैं काफी समय से जानता हूं। यह कैपहैम इनकारपोरेशन में चीफ साइंटिफिक ऑफिसर हैं। यह आप इनकी लिंकडइन प्रोफाइल पर देख सकते हैं।

कैपहैम इनकारपोरेशन क्या है? यह एक कंपनी है जो सप्लीमेंट के इनग्रेडिएंट्स तैयार करती है। इनका ऑफिस अमेरिका और चीन में है, लेकिन यह पूरी दुनिया में काम करती है। फ्यूरोसैप इसी कंपनी का एक ब्रांडेड प्रोडक्ट है। इन की वेबसाइट पर आप यहां पर देख सकते हैं। यह इनग्रेडिएंट अभी तक मार्केट में नहीं आया है लेकिन बहुत जल्दी आने वाला है। जब यह मार्केट में आएगा तो इस पर लिखा होगा फ्यूरोसैप और नीचे लिखा होगा “टेस्टोस्टेरोन को बढ़ाने में क्लिनिकली प्रमाणित” । जिस कंपनी ने इनग्रेडिएंट को तैयार किया उसी कंपनी ने उस इनग्रेडिएंट का परीक्षण किया। अभी आप समझ सकते हैं कि यहां पर क्या समस्या है।

आप सोच रहे होंगे कि फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट का नाम अलग-अलग क्यों रखा जाता है, जैसे टेस्टोफेन, फ्यूरोसैप, और भी कई तरह के नाम हैं। यह नाम रखकर सिर्फ ब्रांडिंग की जाती है जिससे कंपनी किसी प्रोडक्ट के ज्यादा पैसे ले सके। क्योंकि अगर कोई सप्लीमेंट बहुत ही साधारण है और हर जगह पर मिल रहा है तो कोई एक कंपनी उस सप्लीमेंट के ज्यादा पैसे नहीं ले सकती। जैसे जेनेरिक (Generic) दवाइयों में और ब्रांडेड दवाइयों में फर्क होता है। जेनेरिक दवाइयाँ बहुत ही सस्ती है लेकिन ब्रांडेड दवाइयाँ बहुत ज्यादा महंगी होती हैं। इस विषय पर हम किसी और दिन चर्चा करेंगे।

इंटरनेट पर, यूट्यूब पर और भी अलग-अलग जगह पर यह बताया जाता है कि टेस्टोफेन से, फ्यूरोसैप से, या फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट से टेस्टोस्टेरोन में वृद्धि होती है। लेकिन आप किसी का विश्वास मत कीजिए। क्योंकि अभी तक कोई भी वैलिड क्लिनिकल ट्रायल नहीं हुआ है जो इस बात को पूरी तरह से सिद्ध करता हो। ऐसा हो सकता है कि फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट से कामोत्तेजना (Libido) में वृद्धि होती हो, लेकिन अभी तक ऐसी कोई भी स्टडी सामने नहीं आई है, जिससे यह कहा जा सके कि फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट से टेस्टोस्टरॉन में वृद्धि होती है।

फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स का कार्य प्रदर्शन और शारीरिक सुडौलता पर क्या प्रभाव है?

अब हम बात करते हैं की फेनुग्रीक सप्लीमेंट का कार्य प्रदर्शन (Performance) और शारीरिक सुडौलता (Body Composition) पर क्या प्रभाव है। फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट में एक अमीनो एसिड होता है, 4-hydroxyisoleucine नाम से जो इसमें काफी मात्रा में होता है। यह अमीनो एसिड हमारे शरीर में उपस्थित ग्लूकोज पर काम करता है। यह अमीनो एसिड हमारे शरीर में ग्लाइकोजन सिंथेसिस (Glycogen Synthesis) में वृद्धि करता है। ग्लाइकोजन सिंथेसिस में वृद्धि होने से हमारे शरीर में कार्यक्षमता बढ़ती है और शरीर में सुडौलता आती है। कार्य क्षमता बढ़ने का अर्थ है किसी भी कार्य को ज्यादा समय तक और अच्छे तरीके से करने की क्षमता। शारीरिक सुडौलता का अर्थ है शरीर में चर्बी की मात्रा का कम होना और मांसपेशियों के आकार में वृद्धि होना।

2004 में एक क्लिनिकल ट्रायल किया गया था। इस स्टडी में 6 निपुण साइकिलिस्ट (Trained Cyclists) को लिया गया था, जिनकी आयु 26 वर्ष के आसपास और वजन 74 किलो के आसपास था।

इस स्टडी में दो ट्राइल्ज किए गए। दोनों ट्राइल्ज में सभी 6 खिलाड़ियों को 90 मिनट की इंटेंस एक्सरसाइज (Intense Exercise) करवाई गई, जिससे उनका मसल ग्लाइकोजन स्टोर खाली (Muscle Glycogen Stores Deplation) हो गया। दोनों ट्राइल्ज में वर्कआउट के बाद ट्रीटमेंट या प्लेसिबो (Placebo) दिया गया। पहले ट्रायल में ट्रीटमेंट दिया गया जिसमें 1.8 ग्राम प्रति किलो शारीरिक भार के अनुसार डेक्सट्रोज (Dextrose) था और साथ में 2 एमजी प्रति किलो शारीरिक भार के अनुसार फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट था जिसका नाम है 4-hydroxyisoleucine।

दूसरे ट्रायल में प्लेसिबो दिया गया जिसमें 1.8 ग्राम प्रति किलो शारीरिक भार के अनुसार डेक्सट्रस था और साथ में प्लेसिबो कैप्सूल था।

वर्कआउट के 4 घंटे के बाद मसल ग्लाइकोजन सिंथेसिस को फिर से देखा गया तो यह निष्कर्ष निकला की फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट लेने से प्लेसिबो की तुलना में ग्लाइकोजन सिंथेसिस में 63% तक की वृद्धि होती है।

इस स्टडी से और ऐसी और भी दूसरी स्टडी से यह पता चलता है कि फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट अगर कार्बोहाइड्रेट के साथ लिया जाए तो यह आपके कार्य प्रदर्शन को बेहतर करता है और साथ ही शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है।

फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट सप्लीमेंट को लेने की सही मात्रा और समय क्या है?

अब बात करते हैं कि फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट को कैसे प्रयोग किया जाता है। फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट का टेस्टोस्टेरोन पर कोई भी प्रभाव नहीं है, इसलिए टेस्टोस्टेरोन के लिए इसका प्रयोग करने का कोई फायदा नहीं।

फेनुग्रीक सीड एक्सट्रैक्ट खिलाड़ियों की कार्य प्रदर्शन क्षमता और शारीरिक क्षमता को बेहतर करने में सहायक हो सकता है। इसके लिए खिलाड़ी 1 से 3 ग्राम फेनुग्रीक सीड एक्सट्रेक्ट या 2 एमजी प्रति किलो शारीरिक भार के अनुसार 4-hydroxyisoleucine का प्रयोग कर सकते हैं। यह आप वर्कआउट के बाद किसी भी कार्बोहाइड्रेट ड्रिंक के साथ प्रयोग कर सकते हैं। यदि आप 4-hydroxyisoleucine का प्रयोग करना चाहते हैं तो आपको इसका शुद्ध रूप प्रयोग करना चाहिए। शुद्ध रूप में इसके दुष्प्रभाव कम है।

फेनुग्रीक सप्लीमेंट के दुष्प्रभाव क्या हैं?

अब बात करते हैं कि फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स के क्या-क्या दुष्प्रभाव हैं।

फेनुग्रीक आपके रक्त में शर्करा की मात्रा को अर्थात आपके ब्लड शुगर को काफी कम कर सकता है जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहा जाता है। इसलिए आपको इसके साथ किसी ग्लूकोज ड्रिंक का प्रयोग करना चाहिए। यदि आपका ब्लड शुगर पहले से ही कम है तो आपको फेनुग्रीक सप्लीमेंट प्रयोग नहीं करना चाहिए।

फेनुग्रीक में कौमारिन डेरिवेटिव्स होते हैं, जिससे आपका ब्लीडिंग टाइम भी बढ़ सकता है। ब्लीडिंग टाइम बढ़ने का अर्थ है, यदि चोट लग जाए तो चोट लगने के बाद रक्त को रुकने में अधिक समय लगता है। यदि किसी व्यक्ति को चोट लग जाए या उसका किसी प्रकार का ऑपरेशन किया जाना हो तो उसके लिए समस्या हो सकती है।

कुछ लोग गर्भावस्था में अर्थात प्रेगनेंसी में फेनुग्रीक सप्लीमेंट प्रयोग करने की सलाह देते हैं। लेकिन फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स को कभी भी गर्भावस्था में प्रयोग नहीं करना चाहिए। फेनुग्रीक में कुछ हॉर्मोन  स्टिमुलेटिंग प्रॉपर्टीज होती हैं जो गर्भावस्था के समय अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो सकती हैं।

फेनुग्रीक या मेथी एक बहुत ही विस्तृत विषय है। इस लेख में हमने फेनुग्रीक सप्लीमेंट्स का खिलाड़ियों के लिए क्या प्रयोग है के बारे में चर्चा की है। फेनुग्रीक से जुड़ी अन्य जानकारी की चर्चा हम किसी अन्य लेख में करेंगे।

धन्यवाद।

Reference

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Author: Vikas Dhavaria

A free spirit who loves to read books. Interested in philosophy and nutrition.

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